यात्रा शब्द को सुनते ही हमारे मन में कहीं घूमने का मन करता है। और हो भी क्यों ना? क्यों की जब हम किसी यात्रा पर जाते हैं। तो हमारे ज़हन में यही सवाल आता है। कि काश हम इसी तरह हर रोज एक नई जगह पर जाएं और हर सुबह नई उमंग के साथ प्राकृतिक सुंदरता को निहारे।
यात्रा जीवन का वो नारा हिस्सा बन जाता है? जो ना कभी छूट रहे हैं। ओर ना ही हम उससे दूर रह सकते हैं।

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