कल की चिंता मत करो । बेस्ट मोटीवेशन स्टोरी 2020

 कल की चिंता आज मत करो, कल जो होगा देखा जाएगा। तो आप कल की टेंशन में अपना आज कि खुशी को क्यू बर्बाद कर रहे हैं।

नमस्कार मित्रो, आज फिर से आपका हमारे ब्लॉग पर स्वागत है। आज में फिर से आपके लिए एक मोटीवेशन से भरी कहानी लेके आया। मुझे आशा है कि आपको ये कहानी जरूर पसंद आयेगी।



एक नगर में एक आदमी के पास बहुत ही धन था। एक बार उसने अपने धन का लेखा जोखा तेयार करने की सोची। इसके लिए उसने एक व्यक्ति को बुलाया और कहा कि तुम मेरे धन का लेखा जोखा तेयार करो। कुछ दिनों बाद उस व्यक्ति ने उस धन का लेखा जोखा तेयार कर लिया और उसने उस धनी व्यक्ति को बताया कि आपके पास इतनी धन संपति है कि आपकी आने वाली सात पीढियों के बिना कुछ करे, बिना मेहनत करे आराम से बैठ कर खा सकता है। 

यह बात को सुनकर उस व्यक्ति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह थोड़ी देर तो खुश रही लेकिन कुछ ही पल बाद उसकी खुशी उदासी में बदल गई।ओर उसने ये सोचा की सात पीढ़ी तो ठीक है लेकिन आठवीं पीढ़ी भूख से मर जाएगी। इसी सोच के कारण वह आदमी चिंता में रहने लगा। जिसकी वजह से वह कमजोर हो गया है। जब कोई रास्ता नहीं मिला तो उसकी पत्नी ने उसको एक महात्मा के पास ले जाने का सोचा। वह महात्मा उसे  देख कर यह समझ गया कि वह बहुत परेशान क्यू है?

उस महात्मा ने उस आदमी से कहा कि ये तो बहुत छोटी सी समस्या है तो उस आदमी ने उतावला होकर पूछा कि जल्दी बताइए क्या हल है इसका ”। 

तो उस महात्मा ने कहा कि तुम्हारे नगर में एक बुढिया अपने छोटे से कच्चे मकान में रहती है। वह इस दुनिया में अकेली  है और उसके घर कमाने में कमाने वाला कोई नहीं है और वह काम करने में असमर्थ है। तुम्हे  उसको खाली आधा किलो आटा दान करना है। अगर उसने तुम्हारा आटा ले लिया तो समझो तुम्हारी समस्या खत्म हो गई। वह आदमी घर आया और सौ किलो  आटा लेकर उस बुढ़िया के घर पहुंचा। उसने देखा कि वह बुढिया बहुत ही गरीब है। लेकिन फिर भी उसके चेहरे पर शांति और संतोष है। उस आदमी ने कहा कि में तुम्हारे लिए आटा लेकर आया हूँ। कृपया आप इसे स्वीकार करे । तो उस बुढ़िया ने कहा कि मुझे इस आटे आवश्यकता नहीं है। इसे आप गरीबों में बांट दीजिए । तो उस आदमी ने कहा  ज्यादा नहीं तो आधा किलो ही सही। तो उस बुढ़िया ने फिर से कहा कि मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है। आज के खाने के लिए मेरे पास आटा है। तो उस आदमी ने कहा कि कल के लिए रख लेंगे। 

तो बुढ़िया बोली बेटा इसका क्या फायदा जैसे आज के आटे का प्रबंध हो गया है ऐसे ही कल भी हो जाएगा। तो में कल की चिंता क्यों करू। क्या?पता कल में जिंदा भी रहू या नहीं। इससे अच्छा है कि आप ये आटा किसी ऐसी ज़रूरत मंद को दो जिसे इसकी वास्तव में ज़रूरत है। में इस आटे को नहीं ले सकता। अब आप हो सकते हैं। 

ये सुनकर उस आदमी की आंखे ही खुल गई। की एक गरीब बुढिया कल की भी चिंता नहीं कर रही है और मेरे पास सब कुछ कुछ होते हुए भी में आठवीं पीढ़ी की चिंता के बारे में संतुष्ट नहीं हुए। अब वह समझ गया था कि संतोष में ही शांति ओर सूख गई है।

मित्रो इस कहानी के माध्यम से में आपको समझाना चाहता हूं की हूं। आप आज की खुशी को कल की चिंता में मत खोइए। क्या पता कल केसा हो। ओर भगवान ना करे कि आप कल रहें या ना रहें। इस   कहानी का मोटिव यही है कि आप आज की खुशी को खुल कर एन्जॉय करें। 

आप इन कहानियों को भी पड़ सकते हैं। जो बहुत ही प्रेरणा दायक है।

मुश्किलों से दूर नहीं है 

हर मुश्किल का हल होता है।

कोन कहता है कि सपने पूरे नहीं होते हैं।



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