नमस्कार मित्रो स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर। आज में आपके लिए एक मोटीवेशन से भरपूर स्टोरी लेके आया। जब मैंने यह पड़ी तो इस कहानी ने मेरी भी आंखे खोल दी। इसने मेरा नज़रिया ही बदल दिया। इसलिए मैंने सोचा कि इस कहानी को आपके साथ भी शेयर करना चाहिए। आप भी इसे जरूरी समझेंगे।
एक गांव की बात है कि गाव में एक राजा हुआ था। वह राजा बहुत ही बुद्धिमान था। एक बार की बात है। जब उस राजा ने अपने गाँव के लोगो की परीक्षा लेनी चाही। दूसरे दिन उसने एक सड़क के बीच में एक बड़ा सा पत्थर रख दिया। उस सड़क से बहुत से लोग आए ओर राजा को भला बुरा कह कर पत्थर के साइड में से निकल गए। किसी ने उस पत्थर को वहा से हटाने की कोशिश नहीं की। लेकिन सभी की सोच तो एक तरह से नहीं होती है। कुछ देर बाद एक बुढ़ा आदमी आया उसने देखा कि सड़क के बीचों के बीच एक बड़ा सा पत्थर रखा है। उसने बिना कुछ सोचे उस पत्थर को हटाने की कोशिश की पत्थर बहुत भारी था। लेकिन फिर भी उस बूढ़े आदमी ने उस पत्थर को वहा से हटा दिया। फिर उसने देखा कि पत्थर के नीचे एक थैली पड़ी थी जिसमें सोने के सिक्के रखे हुए थे।ओर उस पर लिखा था कि "ये आपकी मेहनत की ईमानदारी का फल है"
अब इस कहानी से हमें क्या सीखने को मिलता है ।तो मेरे शब्दों को सुनें।
"" "ज़िन्दगी के हर दौर में मुश्किलें आती हैं
अगर तुम चाहो तो साइड से निकल कर
आगे बड़ सकते हो ओर अगर चाहो तो
उस मुश्किल को दूर कर आगे बड़ सकते हो ..
मर्जी तेरी हैं !!
पर सुनो उस मुश्किल के पीछे क्या पता ?
आपकी सोच से परे एक बहुत बडा मौका छिपा हो
ओर आप अनजान हो उस मौके से!
शायद उस मुश्किल के पीछे
आपका पूरा जीवन लिखा जाए
अरे मुश्किलों के बिना कामयाबी की लड़ाई कैसी
ना ही कोई मेहनत ,ओर ना ही कोई संघर्ष
तो भला खुद से ही पूछ लो .वो जीत कैसे
अभी तुम्हारी जिन्दगी में जो भी मुश्किले
तुम्हारा रास्ता में वादा करो खुद से ’
उस मुश्किल से भागना नहीं।
उसका सामना करना है
अरे मेहनत के पसीने को अपनी कलम की।
स्याही बना कर अपना एक वजूद लिखो।
दुनिया जाए भाड़ में तुम अपना काम पूरी
ईमानदारी से करो हर मेहनत का हिसाब होगा
हर मुश्किल पर जीत ।।
कहानी तुम्हारी भी लिखी जाएगी
ओर सुनने वाली होगी लाखो की भीड़ ।। "" ""
मुश्किल वक्त अपने साथ कई ऐसे मौके लेके आते हैं जिससे आप अपने जीवन को बदल सकते हैं।
उम्मीद है कि आपको यह कहानी अच्छी लगी होगी । कमेंट में जरूर बताना

Post a Comment
Post a Comment