ज ब उस लड़के को पता चला कि को लड़की अब उससे नफ़रत करती है। तो वो लड़का अंदर ही अंदर ओर टूट जाता है। लेकिन अब उस लड़के के पास दो हो रास्ते बचे थे। पहली तो उस लड़की की याद में खुद को बर्बाद करना ओर दूसरी उसको भुला कर आगे बढ़ना। लेकिन वे लड़के उस लड़की को भावना के लिए तेयार नहीं थे। लेकिन वे ज़िन्दगी में आगे भी बढ़ना चाहते थे। लेकिन वो लड़की को भुला नहीं पा रहा था। वो लड़का जब भी किसी खामोश जगह पर जाता है तो उसे उस लड़की की याद आ ही जाती थी तो कहें कि वो बिचारा उस लड़की को केसे भुला पाता है।
उस लड़के का ना ही कोई दोस्त था ओर ना ही उसके परिवार में उसका मन लगता था। बस उसको सिर्फ वंस लड़की चाहिए थी। लेकिन किसी तरह वो खुद को संभलता है वो सोचता है कि मुझे ज़िन्दगी में आगे बढ़ना है। लेकिन उसके लिए भी उस लड़की को भूल जाना जरूरी था। पर फिर वो भी उस लड़की को नहीं भुला पाता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वह काम नहीं करता है, वह अपने सपनों के बारे में सोचता है। वो कई सालों तक उस लड़की के लिए कई बार रातों तक रोता रहा। लेकिन साथ ही वह अपने सपनों के लिए भी काम करता है।
वह कुछ ही वर्षों में इतना कमियाब इंसान बन जाता है कि अब उस लड़के को किसी भी पहचान की जरूरत नहीं थी। वो लड़का खुद एक पहचान बन जाता है ।लेकिन वो वो लड़की वो कभी भुला नहीं पाता है। क्यों की उसकी मोहब्बत सच्ची थी उसने उस लड़की को सच्चा प्यार किया था। भले ही उस लड़की ने ना किया हो ओर इस लड़के ने सच्चा प्यार किया था।
दोस्तो कहता है अगर आप अपनी ज़िन्दगी में आगे बढ़ना है तो अपने प्यार को भूलना जरूरी है। जिस इंसान ने तुम्हें धोखा दिया है, उस इंसान को भूल जाना जरूरी है। लेकिन इस कहानी से यह समझ सकता है कि बिना भूले भी आगे बड़ सकता है। अगर आप किसी को भूल नहीं पा रहे हो तो इसका मतलब ये नहीं है कि आप आगे मत बड़ों ओर खुद को बर्बाद कर दो। आप खुद को बर्बाद किए बिना अपने काम को कर सकते है ओर आगे बड़ सकते है।
तो किसी ने ये कहानी हमें कमतर में जरूर बताई।
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