नमस्ते दोस्तो केसे हो आप सभी मुझे आशा है कि आप सभी अच्छे होंगे । आज में आपके लिए एक ओर मोटीवेशनल स्टोरी लेके आया हूं। मुझे उम्मीद है कि आपको ये कहानी अच्छी लगेगी।
खुश रहना सिखो 😀
एक गांव में एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था । वो हमेशा अकेला रहा करता था । गांव का कोई भी व्यक्ति उसके साथ रहने को तेयार नहीं था । क्यू की वो बूढ़ा व्यक्ति हर समय उदास ओर नकारात्मक सोच रखता था । वो व्यक्ति हर समय दूसरों कि गलतियों को निकाला करता था । जिससे उसके पास कोई आने को तेयार नहीं रहता था ।
वो जिससे भी मिलता उसके अन्दर की बुराइयों को ही देखता जिससे उसे कोई पसंद भी नहीं करता था । उसकी उमर लगभग 80 साल की हो गई थी लेकिन को अभी तक भी कभी खुश नहीं रह सका । वो खुद सोचता था कि लोग उससे पास आने से डरते क्यू है ओर कोई उसके पास आकर बैठता क्यों नहीं है । परन्तु वो यह भूल रहा था कि उसे सबकी बुराइया की नजर आती है तो कोई उसके पास केसे बैठेगा ।
एक दिन के बाद वह अचानक से खुश रहने लगा ओर सकारात्मक बाते करने लगा था । अब वह लोगो की गलतियों को नज़र अंदाज़ कर के उनकी अच्छाई के बारे में बताता था। जिससे लोग उसके पास रहने लगे थे । ओर वह लोगो को अब उदास रहने की बजाय हसाने लगा था । इस तरह वो भी खुश रहने लगा था। ।
एक दिन उसी गांव के लड़के ने उस व्यक्ति से पूछा कि आप पहले तो उदास रहा करते थे। तो अब इसे अचानक खुश केसे रहने लगे । तो इस पर उस व्यक्ति ने कहा की पहले में लोगो की बुराइयों को ही देखता था। जिससे लोग मुझसे दूर रहते थे लेकिन जब से मैने लोगो की अच्छाइयों को देखना शुरू किया में खुद भी खुश रहने लगा ।
दोस्तो इस छोटी सी कहानी से में आपको ये बताना चाहता हूं कि हम लोगो को किस तरह से देखते है ये हमारे ऊपर है। अगर हम लोगो की अच्छाई देखेंगे तो लोग भी खुश हमारे पास रहेंगे ओर हम भी खुश रहेंगे। ओर यदि हम लोगो की बुराइयों को देखेंगे तो लोग हमसे दूर भागेंगे।
इसलिए अपनी सोच को सही रखो ओर खुश रहो


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