वो हार कर भी जीत गया । बेस्ट मोटीवेशन स्टोरी

नमस्ते दोस्तो आज में आपको ऐसी स्टोरी बताने जा रहा हूं जिसको पड़ने के बाद आपको अपने काम को करने के लिए एक अलग ही जुनून पैदा होगा और आप उस काम की बिना किसी परेशानी के आराम से कर सकेंगे।
वह  हार कर भी जीत गया। जैसा कि उस शीर्षक से ही साफ पता चलता है। क्या वह व्यक्ति हार कर कर जीता होगा। लेकिन किस तरह से आइए में आपको विस्तार से समझा जाता है एक लड़का था। जो कि मैराथन में दौड़ लगाता था। लेकिन उसकी ये एक आदत सी पड़ गई थी क्या पता वह हर दौड़ को आधा में ही खत्म कर देता था। अब क्या पता उसको क्या लग रहा होगा ये तो भगवान ही जाने। लेकिन उन्होंने कभी भी दौड़ को पूरा नहीं किया। इस कारण से उसके दोस्त भी उसके बहुत चिढाया करते थे। और उसके कोच भी थेको डेटा करते थे। लेकिन वह भी बहुत कोशिश करता है दौड़ पूरी तरह से नहीं पाता है कुछ दिन बाद उसने फिर से उसने फिर से दौड़ में भाग लिया और फिर से हार गया। इस कारण से बिचारा बहुत दुखी हुआ। वह एकांत में दुखी बैठा था।तभी उसके पास एक बुजुर्ग व्यक्ति आया और उसकी हालत देख कर बोला क्या हुआ बेटा ऐसे उदास क्यू बैठे हो तो उसने वो सारी बात बताई कि केसे वो हार दौड़ में भाग लेता है लेकिन जीतता नहीं है । उसकी बात सुनकर उस व्यक्ति ने कहा कि तुम किस के लिए दौड़ते हो। उस लड़के ने कहा कि 1st आने के लिए दौड़ता हूं।तो उस पर उस व्यक्ति ने कहा कि कल तुम दौड़ना और 1st आने के लिए नहीं दौड़ पूरी करने के लिए दौड़ना। लड़के को कुछ भी समझ नहीं आया तो उसने उस व्यक्ति से पूछा कि ऐसा क्यू तो इस पर उस व्यक्ति ने कहा कि दौड़ कभी जितने के लिए ही मत दोडो। उसको पूरा करने के लिए भी दौड़ो इस बात को सुनकर उस लड़के की आंखे खुल गई। बाद में जब वह दौड़ा तो उसने सोच लिया कि मुझे इस दौड़ को पूरा करना ही है। जब दौड़ शुरू हुई तो उसने कुछ दूरी तो तय की लेकिन उसके बाद उसके पैरो में दर्द ही होने लगा जिससे उसकी दौड़ने में कठिनाई होने लगी लेकिन उसने सोच लिया था कि उसे इस दौड़ को पूरा करना ही है तो उसने चलना शुरू किया। लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद वो एक दम से जमीन पर गिर गया। जिससे उसके सबसे पीछे रह गया। लेकिन वह फिर से खड़ा हुआ और उसने उस दौड़ को पूरा किया। पर उसने उस दौड़ में सबसे आखिरी स्थान प्राप्त किया। लेकिन फिर भी वह खुश था क्युकी उसने उस दौड़ को पूरा किया। उसके चेहरे पर जो खुशी थी वो खुशी शायद कभी नहीं आती अगर वो उस दौड़ को पूरा नहीं करता।इसीलिए वो हार कर भी जीत गया ऐसे ही हमें भी इस कहानी से एक सीख मिली कि हमें किसी काम को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए भले केसा भी करे लेकिन उस काम को जरूर करे उससे क्या होगा कि हमें उस काम के साथ साथ हमारी मानसिकता में भी परिवर्तन होगा। और हमें कुछ बाते सीखने को भी मिलेगी।

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